Ajab Ghazab : हाइटेक शहर के CCTV कैमरे हो गए आउटडेटेड, Electric गाड़ी का काट दिया पॉल्यूशन का चालान

Ajab Ghazab : आजकल दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण होने की वजह से GRAP के नियमों की सख्ती से पालना की जा रही है । जिसकी वजह से सड़कों पर चलने वाहनों के अगर PUC सर्टिफिकेट नहीं है तो उनके मोटे चालान काटे जा रहे हैं । लेकिन अगर इलेक्ट्रिक व्हीकल का पॉल्यूशन का चालान कट जाए तो हैरानी होगी ? जी हां आपने सही पढा है, गुरुग्राम जैसे हाइटेक शहर में एक इलेक्ट्रिक गाड़ी का इसलिए चालान काट दिया गया क्योंकि उसने PUC सर्टिफिकेट नहीं बनवाया ।
इस चालान के बाद हाइटेक शहर की हाइटेक पुलिस प्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं कि इस शहर में पुलिस अपने आप को हाइटेक होने का दावा करती है लेकिन स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत लगाए गए सीसीटीवी कैमरे इतने आउटडेटेड हैं जो ये फर्क नहीं कर पाते कि गाड़ी इलेक्ट्रिक है या पेट्रोल-डीज़ल की गाड़ी है । पुलिस और जीएमडीए की लापरवाही के कारण इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ता है ।
वहीं पिछले महीने ही हरियाणा के डीजीपी ओपी सिंह ने आदेश जारी किए थे कि हरियाणा में पुलिस को ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए कि आम जनता को कम से कम परेशानियों का सामना करना पड़े । बावजूद इसके गुरुग्राम में लोगों की सहूलियत को लेकर ना तो पुलिस चिंतित नज़र आती है और ना ही जीएमडीए स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत लगे कैमरों की ठीक से देखभाल कर पाती है ।
दरअसल 23 दिसंबर को गुरुग्राम के अग्रवाल धर्मशाला चौक पर एक HR26 FP 0257 नंबर की इलेक्ट्रिक गाड़ी सिग्नल के रेड होने पर जेबरा क्रॉसिंग पर रुकी जिसको चौक पर लगे सीसीटीवी कैमरों ने कैप्चर कर लिया । ट्रैफिक के रोड़ मार्किंग की उल्लघंना करने पर इस गाड़ी का चालान काट दिया गया लेकिन जब चालान का मैसेज गाड़ी मालिक के पास पहुंचा तो उसके होश उड़ गए । गाड़ी मालिक ने चालान की कॉपी में देखा कि जेबरा क्रॉसिंग के साथ साथ ट्रैफिक पुलिस ने उनकी इलेक्ट्रिक गाड़ी का पॉल्यूशन का भी चालान काट दिया है और कुल 11,500 रुपए का जुर्माना लगा दिया गया ।

गुरुग्राम के आदर्श नगर के रहने वाले मनोज ने बताया कि जब उन्होनें अपनी गाड़ी का चालान देखा तो खुद हैरान रह गए कि एक इलेक्ट्रिक गाड़ी को पॉल्यूशन नहीं करती उसका चालान बनाकर गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस ने भेज दिया लेकिन किसी ने भी ये नहीं देखा कि इस गाड़ी पर ग्रीन नंबर प्लेट लगी हुई है जो कि कैमरे की फुटेज में भी साफ साफ दिख रही है ।
गाड़ी मालिक मनोज ने आरोप लगाया है कि आम व्यक्ति जब घर से निकलता है तो वो गूगल मैप के जरिए ट्रैफिक जाम की जानकारी लेकर निकलता है लेकिन क्या गुरुग्राम की इस हाइटेक पुलिस के पास गूगल मैप नहीं खुलता जो इनको जाम नहीं दिखता । जनता घंटो घंटो तक जाम में फंसी रहती है लेकिन जाम खुलवाने के लिए कोई पुलिसकर्मी नज़र नहीं आता लेकिन कुछ दूर चलने के बाद चालान काटते हुए पुलिसकर्मी जरुर दिख जाएंगे जो जाम का असल कारण बनते हैं ।

इलेक्ट्रिक गाड़ी के मालिक मनोज ने बताया कि उन्होनें इस गलत चालान को लेकर गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस के डीसीपी को ईमेल लिखकर शिकायत दर्ज की है । वहीं जब इस मामले में गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस के प्रवक्ता विकास वर्मा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि गुरुग्राम में लगे सीसीटीवी कैमरे गाड़ियों के नंबर को रीड करते हैं । गाड़ियों के नंबर के आधार पर कैमरे का सिस्टम गाड़ी के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट का आंकलन करती है अगर सर्टिफिकेट के साथ PUC सर्टिफिकेट नहीं है तो उसका चालान बना दिया जाता है ।
प्रवक्ता विकास वर्मा का कहना है कि इस गाड़ी के रजिट्रेशन सर्टिफिकेट में PUC की वैलिडिटी 10 नवंबर 2025 दर्ज है जिस वजह से सिस्टम ने ऑटोमैटिक तरीके से इस गाड़ी का एयर पॉल्यूशन का चालान काट दिया लेकिन ये मामला संज्ञान में आने के बाद इस चालान को ठीक कर दिया गया है ।
विकास वर्मा ने बताया कि अगर गुरुग्राम में किसी का इस तरह कैमरे से गलत चालान कट भी जाता है तो उसको कुछ दिन बाद ठीक कर दिया जाता है इसको लेकर आम जनता को परेशान होने की आवश्यकता नहीं है ।













